अंकित जैन
नित्य संदेश, मुजफ्फरनगर।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं की बोर्ड परीक्षा वर्ष 2026 से साल में 2 बार कराएगा। पहली परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च तक एवं दूसरी 5 मई से 20 मई तक होगी।
10वीं कक्षा में पढ़ने वाले 26 लाख से ज्यादा बच्चों को इसका फायदा मिलेगा. बोर्ड ने यह फैसला बच्चों के एग्जाम स्ट्रेस को देखते हुए लिया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार JEE की तरह दो बार परीक्षा से, बच्चों को मानसिक तौर पर फायदा होगा. एक बार स्कोर कम होने पर वह दूसरी बार परीक्षा देकर अपने स्कोर को बेहतर कर सकेंगे.
दो बार बोर्ड परीक्षा कब से होंगी? क्या दो बार एग्जाम देना जरूरी होगा? फाइनल रिजल्ट कैसे तैयार होगा? नई परीक्षा पद्धति से सम्बंधित. जानें हर प्रश्न का जवाब-
सवाल 1- दो बार एग्जाम होने का नियम कब से लागू होगा`
जवाब - ये नियम 2025-26 सेशन से लागू होगा। इसका मतलब है कि साल 2026 से सी.बी.एस.ई.बोर्ड एग्जाम 2 बार आयोजित होंगे।
सवाल 2- क्या दोनों बार एग्जाम देना जरूरी होगा ?
जवाब: नहीं । स्टूडेंट्स के पास निम्न तीन ऑप्शन होंगे-
1. साल में एक बार परीक्षा दें।
2. दोनों परीक्षाओं में शामिल हों।
3. किसी सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्म न कर पाने पर, दूसरी परीक्षा में उस विषय का दोबारा एग्जाम दें।
सवाल 3: अगर एग्जामदो बार दिए हैं, तो रिजल्ट कैसे तय होगा |
जवाब: अगर कोई स्टूडेंट्स दोनों बार बोर्ड एग्जाम में शामिल होता है, तब उनका वो रिजल्ट फाइनल माना जाएगा, जो दोनों में से बेहतर होगा। यानी अगर दूसरी बार एग्जाम देने पर नंबर घट जाएंगे, तो पहली परीक्षा के नंबर ही फाइनल माने जाएंगे।
सवाल 4: दोनों परीक्षाओं में सिलेबस का निर्धारण किस प्रकार होगा ?
जवाब: दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी। एग्जाम का फॉर्मेट भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही होगा।
सवाल 5: क्या दो एग्जाम्स के बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम भी देने का मौका मिलेगा
जवाब: नहीं। 10वीं के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम अब खत्म कर दिया जाएगा।
सवाल 6 : क्या दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन अलग-अलग करना होगा? फीस भी 2 बार लगेगी?
जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन एक ही बार करना होगा। हालांकि, दो बार परीक्षा देने का ऑप्शन चुनने पर फीस एक साथ ली जाएगी।
JEE की तरह दो बार एग्जाम से स्ट्रेस घटेगा: धर्मेंद्र प्रधान
अगस्त 2024 में इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया था। इस दौरान शिक्षामंत्री जिस तरह स्टूडेंट्स के पास साल में दो साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम देने का ऑप्शन होता है उसी तरह स्टूडेंट्स 10वीं के एग्जाम साल में दो बार दे सकेंगे। इससे बच्चों पर बोर्ड एग्जाम्स का जबाव कम होगा। CBSE बोर्ड सचिव और दूसरे शिक्षाविदों के साथ मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने पिछले सप्ताह 19 फरवरी को, साल में दो बार बोर्ड एग्जाम कराने को लेकर चर्चा की थीजिसके बाद शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने ये फैसला लिया ।
प्रस्तुति
डा. एमके गुप्ता
डायरेक्टर, ग्रेन चैम्बर पब्लिक स्कूल
(एडवांस्ड स्कूल चाइल्ड साइकोलॉजी काउँसलर)
No comments:
Post a Comment