नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्थापित व संचालित विश्वविद्यालय केन्द्र "लक्ष्य" द्वारा कानूनी शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए कानून के क्षेत्र मे करियर और न्यायिक सेवा मे चयन हेतु मार्गदर्शन के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय विद्यार्थियो को अपना लक्ष्य निर्धारित कर, मेहनत से तैयारी करने और दृढ़ता से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
इस सत्र में मेरठ के प्रख्यात अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह धामा विशिष्ठ अतिथि वक्ता के रूप में तथा मुख्य वक्ता के रूप बंगलूरू से पधारी अधिवक्ता एवं शिक्षिका सुश्री दीक्षा चौधरी ने भाग लिया। छात्राओ सुश्री आकॄति, हर्षिता तथा साक्षी द्वारा सस्वर सरस्वती वन्दना के साथ आरम्भ कार्यक्रम में विधि संकाय के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार गोयल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कानूनी क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए स्पष्ट उद्देश्य, समर्पित तैयारी और समग्र न्याय के प्रति दृढ़ता की आवश्यकता होती है। शोभित विश्वविद्यालय के सलाहकार प्रोफेसर डॉक्टर एम एल सिंगला, कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर विनोद कुमार त्यागी ने छात्र छात्राओ को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ अध्ययन करने की सलाह दी। विशिष्ठ अतिथि श्री गजेन्द्र सिंह धामा, एडवोकेट ने अपने विस्तृत अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने करियर में उद्देश्य की पहचान करें और उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत करें। उन्होंने कानूनी पेशे की बारीकियों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
सुश्री दीक्षा चौधरी ने शिक्षा और कानूनी अभ्यास के समन्वय पर जोर देते हुए बताया कि कैसे निरंतर सीखना और दृढ़ता से प्रयास करना ही न्यायिक सेवा मे चयन तथा न्यायाधीश के रूप मे सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन और बहुमूल्य सुझाव प्रदान किए। सत्र के अंत में छात्रों ने अपने संदेहों के समाधान के लिए वक्ताओं से प्रश्न पूछे। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें अपने करियर की दिशा में स्पष्टता और प्रेरणा मिली।
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