नित्य संदेश। शिव-शक्ति पूजे सर्व,
महाशिवरात्रि पर्व,
दोनों ललित ललाम,
बंधे एक डोर है।
उमा संग शिव साजे,
ढोलक नगाड़े बाजे,
ब्याह उत्सव करते,
नाचे मन मोर है।
भक्त अभिलाषा लिए,
व्रत, अभिषेक किए,
दर्शन से हुए धन्य,
अंतस में भोर है।
श्रद्धा से शीश झुकाए,
महिमा, भजन गाए,
हर - हर महादेव,
गूंजा सब ओर है।
प्रस्तुति
सपना सी.पी. साहू
इंदौर (म.प्र.)
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