नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्लीः कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने पिलानी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सोसाइटी, बिट्स पिलानी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच साझेदारी को मजबूत करना, उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना और छात्रों में व्यावहारिक कौशल का विकास करना है। इस साझेदारी के तहत, एनएसटीआई (राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान) के छात्रों के लिए इनोवेशन और इनक्यूबेशन प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे ताकि उन्हें भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जा सके। इस समझौते से स्टार्ट-अप के क्षेत्र में नए अवसरों के निर्माण की भी उम्मीद है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की डायरेक्टर जनरल ट्रेनिंग सुश्री त्रिशालजीत सेठी ने कहा, "डीजीटी और पीआईईडीएस (पिलानी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सोसाइटी) के बीच साझेदारी शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। हमारा लक्ष्य बिट्स पिलानी की शैक्षणिक उत्कृष्टता को डीजीटी के मजबूत ट्रेनिंग और स्किलिंग ईकोसिस्टम के साथ जोड़ना है। इसका पहल का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना उद्यमशीलता को बढ़ावा देना और उन्हें जॉब मार्केट की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि भविष्य के लिए कुशल और सक्षम वर्कफोर्स तैयार की जा सके।"
एलुमनाई और पीआईईडीएस सोसाइटी के हेड सचिन आर्य ने एनएसटीआई और आईटीआई छात्रों के लिए इन उद्यमशीलता मार्गों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ताकि एक सहायक और प्रगतिशील इकोसिस्टम का निर्माण किया जा सके। डीजीटी को उम्मीद है कि बिट्स पिलानी के इंडस्ट्री कनेक्शन और उसकी ऐतिहासिक प्रतिष्ठा का लाभ उठाकर छात्र समुदाय और उद्योग हितधारकों के बीच आईटीआई और एनएसटीआई की प्रासंगिकता और महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सकेगी। यह साझेदारी न केवल भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्टार्ट-अप और उद्यमशील वेंचर के लिए नए अवसर भी प्रदान करेगी।
इस साझेदारी के दो मुख्य घटक हैं:
इनोवेशन चैलेंज और ओपन इनक्यूबेशन प्रोग्राम। ये उद्यमी मानसिकता को बढ़ावा देते हैं और प्रतिभाओं को पहचानने तथा सफल स्टार्टअप बनने के लिए रचनात्मक विचारों को उभारने में मदद करते हैं। इनोवेशन चैलेंज एनएसटीआई ट्रेनी और पूर्व छात्रों को प्रोत्साहित करता है, जिसमें सभी प्रतिभागियों के लिए एक ओपन ट्रैक और एक महिला एनएसटीआई ट्रैक शामिल है जो महिलाओं को उद्यमिता को आगे बढ़ाने और ईनोवेशन में जेन्डर गैप को भरने में मदद करता है। ओपन इनक्यूबेशन प्रोग्राम 6 महीने का अनुदान-आधारित प्रोग्राम है, जिसमें प्रतिभागियों को उनके विचारों को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए आइडिएशन, इनक्यूबेशन, मॅटरशिप, वर्कशॉप और फंडिंग शामिल है। पीआईईडीएस द्वारा समर्थित प्रोजेक्ट की संस्थान स्तर जोन के स्तर और डीजीटी स्तर पर समीक्षा की जाती है ताकि मान्यता और पुरस्कार के लिए उच्च क्षमता वाले इनोवेशन की पहचान की जा सके।
डीजीटी ट्रेनिंग ने कहा "नया ट्रेंड आईटीआई और एनएसटीआई द्वारा प्रदान किए जाने वाले व्यावहारिक प्रशिक्षण और जॉब-ओरिएन्टेड स्किल के महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है। ये संस्थान स्किलिंग व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुभवी फैकल्टी के लिए प्रसिद्ध हैं।" यह बयान ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार ने देश भर में सैकड़ों आईटीआई के कायापलट के लिए अगले पाँच वर्षों के लिए 60,000 करोड़ रुपए का बजटीय आवंटन किया है।
इस कार्यक्रम में यह देखा गया कि इंजीनियरिंग के छात्र स्किल-ओरिएन्टेड प्रोग्राम में शामिल होकर खुद को बेहतर बनाने के लिए उत्सुक हैं, जो वर्तमान जॉब मार्केट में नौकरी के लिए तैयार, भविष्य के लिए तैयार कौशल की मांग को दर्शाता है। डीजीटी और पीआईईडी, बिट्स के बीच साझेदारी का उद्देश्य पाठ्यक्रम में उद्योग-संबंधित कौशल को एकीकृत करना और डुएल ट्रेनिंग सिस्टम सहित ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अपरेन्टिसशिप के लिए उद्योग के साथ मजबूत सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
यह साझेदारी भारत के शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। यह स्किल इकोसिस्टम को पूरी तरह से बदलने के लिए सरकार की विभिन्न पहलों और उद्योग के सहयोग से प्रेरित है। बैठक में एक रिवर्स पाथवे का दिलचस्प उदाहरण देखने को मिला, जहां इंजीनियरिंग के छात्र, स्नातकोतर, और डिप्लोमा धारक भी राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा पेश किए जाने वाले शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना (सीआईटीएस) जैसे कौशल कार्यक्रमों में दाखिला ले रहे हैं।
बिट्स पिलानी के एल्युमनाई रिलेशन्स के डीन प्रोफेसर आर्य कुमार ने कहा, "कुशल युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं के बीच दक्षताओं और क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए पीआईईडीएस और बिट्स पिलानी के बीच यह साझेदारी राष्ट्र के लिए स्टार्टअप रोजगार और वेल्थ क्रिएशन को गति देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"
इस पहल का उद्देश्य रोजगार क्षमता को बढ़ावा देने के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों की सुविधा देकर कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की जरूरतों के साथ जोड़ना है। केंद्र सरकार स्किलिंग को एक जन आंदोलन बनाने के लिए कई कदम उठा रही है, और हाल ही में जारी क्यूएस वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स रिपोर्ट सरकार के प्रयासों का प्रमाण है, जिसमें कहा गया है कि भारत एआई, डिजिटल और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कुशल प्रतिभाओं की भर्ती के लिए दुनिया के सबसे तैयार जॉब मार्केट में से एक है।
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